नवागांव में गौठान बना तो सड़कों पर मवेशियों का विचरण हुआ कम

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशानसन द्वारा बेमेतरा - मउ मुख्य मार्ग में बसे ग्राम नवागांव (खुड़मुड़ी) में गौठान का निर्माण कराया गया। नवागांव में गौठान बनने से अब सड़को पर मवेशियों का विचरण कम हुआ है। इसके पहले मवेशियों की आवाजाही एवं सड़कों पर बैठने के कारण सड़क हादसे होते रहते थे। गौठान में मवेशी एकत्र होने से फसलों का भी सुरक्षा हो रही है और किसान भी निश्चिंत है। पशु मालिक अब मवेशियों को ग़ौठान में भेज रहे है।बेमेतरा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशानसन द्वारा बेमेतरा – मउ मुख्य मार्ग में बसे ग्राम नवागांव (खुड़मुड़ी) में गौठान का निर्माण कराया गया। नवागांव में गौठान बनने से अब सड़को पर मवेशियों का विचरण कम हुआ है। इसके पहले मवेशियों की आवाजाही एवं सड़कों पर बैठने के कारण सड़क हादसे होते रहते थे। गौठान में मवेशी एकत्र होने से फसलों का भी सुरक्षा हो रही है और किसान भी निश्चिंत है। पशु मालिक अब मवेशियों को ग़ौठान में भेज रहे है। यह गांव बेमेतरा चंदनू मुख्य मार्ग पर बसा है। गत दिनों बेमेतरा जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले एवं कलेक्टर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने जिले के प्रवास के दौरान नवागांव के गौठान का मुआयना किया था।
ग्राम में गौठान निर्माण हेतु ग्राम पंचायत के सरपंच सुकदेव पात्रे, जनपद सदस्य पूनाराम, सचिव निरंजन डेहरे, रोजगार सहायक आगरदास घृतलहरे एवं ग्रामीण पंच रामजीवन गुप्ता, श्रीमती गंगा निषाद आदि की सक्रिय भूमिका रही। ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की बैठक आयोजित कर शासन की इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी ग्रामीणों को दी गई एवं अपनी भूमिका सुनिश्चित करने निवेदन किया गया। इसके लिए सुश्री पूजा प्रियंवदा तकनीकी सहायक, गुंजा यादव तकनीकी सहायक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। साथ ही सीईओ दीपक ठाकुर, कार्यपालन अधिकारी अरविन्द कश्यप, नूतन साहू बेमेतरा के साथ विभिन्न विभागीय अमले की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
सभी पशुओं को गौठान के भीतर ही सुनियोजित तरिके से रखे जाने से दुर्घटना की संभावना काफी हद तक कम हो गई है। मवेशी भी सुरक्षित हो गए हैं। मुख्यमंत्री का सपना है कि गौठान में गोबर एकत्र कर वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जाए जिसे बेचकर आमदनी की जा सके और गौठान वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो सकें। गौठान का औपचारिक लोकार्पण हरियाली के दिन विधायक ने किया।
गौठान को आधुनिक रूप से विकसित करने की पहल की गई है, जिसमें पशुओं के लिए समुचित पेयजल प्रबंधन के लिए पानी टंकी के निर्माण, शेड का निर्माण, पशुओं के लिए ग्रामीण जनों के सहयोग से चारे का संकलन, कोटना का निर्माण कीचड़ आदि से बचाव के लिए भूमि विकास कार्य, सीपीटी निर्माण कार्य, पौधरोपण कार्य, नाडेब टेंक/वर्मी बेड का निर्माण, आदि का निर्माण कराया गया है। साथ ही साथ ग्राम पंचायत में लगभग 10 एकड़ भूमि में पशुओं लिए चारागाह का विकास ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है।
ग्रामीणों द्वारा चारे के दान के साथ-साथ मवेशियों के उचित प्रबंधन, देखरेख के लिए ग्राम स्तर पर गौठान प्रबंधन समिति का चयन किया गया है जिनके द्वारा गौठान का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। जिसमें पशु अवशेषों का वैज्ञानिक तरिके से प्रबंधन कर गोबर से आधुनिक खाद तैयार करने, गौ-मूत्र से कीटनाशक तैयार करने एवं गौठान स्थल पर विभिन्न प्रकार के आर्थिक गतिविधि संचालित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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