स्वरुपानंद महाविद्यालय में नवप्रवेषित विद्यार्थियों के लिये ओरिएंटेशन कार्यक्रम

Orientation Programme at SSSSMV भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपांनद सरस्वती महाविद्यालय में आईक्यूएसी सेल द्वारा नवप्रवेषी विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गतिविधियों लैब, लाईब्रेरी आदि सुविधाओं व ऑनलाईन क्लास की जानकारी देने के लिये इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ प्रशांत श्रीवास्तव डायरेक्टर,स्टूडेंट वेलफेयर, हेमचंद विश्वविद्यालय थे। अध्यक्षता डॉ दीपक शर्मा ने की। डॉ मोनिषा शर्मा सीओओ एवं प्राचार्य डॉ श्रीमती हंसा शुक्ला उपस्थित हुई।डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा आप कोविड-19 के नियमों का पालन करें। महाविद्यालय द्वारा आयोजित क्रियात्मक गतिविधियों में भाग ले चाहे वह खेल, डांस, भाषा कोई भी हो। यह सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक है। हमें सफलता व विफलता दोनों में संयम रखना है। हमें निराशावादी नहीं होना है क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है। अपनी कमी को सकरात्मक रुप में ले व उसे अपनी ताकत बनाये। उन्होंने बताया अमेरिकी राष्ट्रपति अव्राहम लिंकन पार्षद का चुनाव हार गये थे पर बाद में सम्पूर्ण अमेरिका का नेतृत्व किया। दास प्रथा को समाप्त किया व अमेरिका के ‘फादर ऑफ’ नेशन कहलाये। आप दूसरे को देख सीखने का प्रयास करें। महाविद्यालय की सराहना करते हुये कहा महाविद्यालय में अनेक गतिविधियां समय-समय पर आयोजित की जाती है आप उसमें अवश्य भाग लें।

आईक्यूएसी प्रभारी डॉ निहारिका देवांगन ने कहा कि महाविद्यालय के माहौल, नियम, सुविधायें, प्लेसमेंट आदि से परिचित कराने के लिये हम ‘फेस टू फेस’ न होकर डिजिटल रूप में एक-दूसरे से जुड़े हैं। कोविड-19 के कारण हमें अपने विकास को रोकना नहीं है अपितु संघर्ष करते हुये आगे बढ़ना है। कोर्स, विषयज्ञान के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेना है जिससे आपके ज्ञान में वृद्धि व सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हो सके।
डॉ दीपक शर्मा ने कहा कि ऑनलाईन क्लास प्रारंभ हो चुकी है। जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होगी आप महाविद्यालय आकर क्लास अटेंड कर सकेंगे। जो भी परेशानी होगी उसे हम आपस में मिलकर जमीनी स्तर पर सुलझा लेंगे।
प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कहा जब आप महाविद्यालय में प्रवेश लेते है तो एक जोश व उत्सुकता की भावना होती है साथ ही यह धारणा होती है स्कूल की बंदिशों, यूनीफार्म आदि से महाविद्यालय में छूट मिल जायेगी। परन्तु आपको अभी लक्ष्य निर्धारित करना है। ग्रेजुएशन के बाद आप स्वयं को कहां देखना चाहते है। इंडक्शन कार्यक्रम में महाविद्यालय के रिसोर्स का कैसे उपयोग करें व विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ व शिक्षक के साथ फैमिलियर हो सके। जिससे अपनी परेशानी को निःसंकोच व्यक्त कर सकें।
विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी, कक्षा, प्लैसमेंट से जुड़े सवाल पूछे। प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला व डॉ नीलम गांधी विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने उनकी जिज्ञासा को शांत किया। संचालन डॉ नीलम गांधी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ निहारिका देवांगन ने दिया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्रायें व प्राध्यापक-प्राध्यापिकायें शामिल हुये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *