पीएचडी कोर्सवर्क परीक्षा के तीनों केन्द्रों का कुलपति-कुलसचिव ने किया औचक निरीक्षण

PhD Course work evaluation at Hemchand University Durgभिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा 9 से 14 दिसंबर 2020 तक आयोजित पीएचडी कोर्सवर्क मौखिक पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण परीक्षा के प्रथम दिन तीनों परीक्षा केन्द्र- साइंस कॉलेज, दुर्ग, शास. कन्या महाविद्यालय, दुर्ग तथा टैगोर हॉल हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में चल रहे शोधार्थियों के प्रस्तुतिकरण के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति, डॉ अरूणा पल्टा एवं कुलसचिव, डॉ सी.एल. देवांगन ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुलपति, डॉ अरूणा पल्टा ने शोधार्थियों से अनेक प्रश्न भी पूछे। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज जिन विषयों के शोधार्थियों द्वारा मौखिक प्रस्तुतिकरण किया गया उनमें- वनस्पतिशास्त्र, प्राणी शास्त्र, माइक्रोबायलाजी, बायोटेक्नालाजी, समाजशास्त्र, भौतिकी एवं रसायन विषय शामिल थे। प्रस्तुतिकरण के मूल्यांकन हेतु बाह्य विशेषज्ञ के रूप में रायपुर के डॉ. एस. के. जाधव, डॉ विमल कानूनगो, डॉ. रूपिन्दर दीवान, डॉ. आरती परगनिहा, डॉ के.के.घोष, डॉ एल.एस.गजपाल, डॉ समीर ठाकर, उपस्थित थे। चेयरमेन के रूप में डॉ एम.जी. रॉयमन तथा डॉ के.एल. ताण्डेकर, उपस्थित रहें।
विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव, परीक्षा डॉ राजमणि पटेल ने बताया कि आज कुल 25 शोधार्थियों द्वारा मौखिक प्रस्तुतिकरण किया गया। 15 मिनट की अवधि के प्रस्तुतिकरण के दौरान समस्त शोध निर्देशक तथा शास. कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य, डॉ सुशीलचंद्र तिवारी एवं साइंस कॉलेज,दुर्ग के प्राचार्य, डॉ आर.एन सिंह उपस्थित थें। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ राजमणि पटेल, डॉ सुमीत अग्रवाल, ए. आर. चौरे उपस्थित रहे। बाह्य विशेषज्ञों ने अनेक शोधार्थियों के शोध विषय में आंशिक फेरबदल का मशविरा दिया।
सहा. कुलसचिव, ए.आर. चौरे ने बताया कि अगला मौखिक प्रस्तुतिकरण 11 दिसंबर को प्रातः 11ः00 बजे आरंभ होगा। इसमें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग परिसर में इतिहास, राजनीति शास्त्र, होमसाइंस तथा साइंस कॉलेज, दुर्ग में शिक्षा विषय के शोधार्थी अपना प्रस्तुतिकरण देंगे। डॉ ए. आर. चौरे ने बताया कि प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रत्येक शोधार्थी को अपने प्रोजेक्ट की तीन प्रतियां हार्ड कॉपी जमा करना अनिवार्य है। सभी शोधार्थी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपना प्रस्तुतिकरण देवें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *