स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में राष्ट्रीय हिन्दी पत्र लेखन का पुरस्कार वितरण

Hindi Patralekhanभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय एवं फेरो स्क्रेप निगम लिमिटेड भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय हिन्दी पत्र लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह राजीब भट्टाचार्य सीओओ फेरो स्क्रेप निगम भिलाई छ.ग. के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. श्रीमती हंसा शुक्ला ने की। विशेष अतिथि के रूप में श्री छगनलाल नागवंशी राजभाषा अधिकारी फेरो स्क्रेप निगम उपस्थित हुये। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनीता वर्मा व कार्यक्रम में मंच संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्रीमती नीलम गांधी ने किया। निर्णायक के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार अरूण निगम एवं सरला शर्मा उपस्थित हुये। इस अवसर पर विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। Swaroopanand College FSNLकार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनीता वर्मा ने अतिथिर्यों का स्वागत किया व कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा सोशल मीडिया ने समाजिकता को नये आयाम प्रदान किये है कि पहले लोग समय निकालकर हर आयोजन पर अपने मित्रों व रिश्तेदारों से मिलते थे और अब मोबाईल निकालकर वाट्सएप और फेसबुक पर मिलते हैं एक और स्पेशल मीडिया के कारण भ्रष्टाचार के विरूद्ध महा अभियान चला लोग सड़कों पर उतरे वहीं निर्भया को न्याय मिला व कड़े कानून बने।
श्री राजीब भट्टाचार्य ने कहा रूसी अंग्रेजी नहीं बोलते जर्मन अंग्रेजी नहीं बोलते इसका तात्पर्य यह नहीं है उनके देश का विकास नहीं हो रहा है। वे अपनी भाषा का उपयोग करते है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुये कहा जहां हास्टल में रहता था तब मां का पत्र आता था तो खुशी होती थी और मनीआर्डर आता था तो यह खुशी दुगनी हो जाती थी। मनीआर्डर के नीचे लाईन में पापा का संदेश लिखा रहता उसे हम बार-बार पढ़ अपनापन महसूस करते थे पर यह खुशी आपने महसूस नहीं किया होगा। आप अपनी भाषा को बचा कर रखिये आप हिन्दी को हिन्दी में लिखिए उसे रोमन में लिखने का प्रयास न करें आप हिन्दी व पत्र लेखन छोडेंगे तो आपकी आने वाली पीढ़ी इसे भूल जायेगी।
निर्णायक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सरला शर्मा ने विद्यार्थियों को पत्र की बारीकियां बताई व बताया आज डाकिये का इंतजार कोई नहीं करता। इस पत्र लेखन प्रतियोगिता में बहुत दिन बाद कुछ अच्छा पड़ने मिला पत्र कीमती होता है नेहरु द्वारा इंदिरा गांधी को लिखे पत्र ऐतिहासिक दस्तावेज है।
निर्णायक वरिष्ठ साहित्यकार अरुण निगम ने अपने उद्बोधन में कहा पत्र लिखने की परंपरा को पुर्नजिवीत करने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है पत्र में आप अपने विचार मौलिक रखें गूगल की भाषा का प्रयोग न करें। अपने भाग लेने का हौसला किया यह प्रषंसनीय है।
श्री नागवंशी ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुये कहा पत्र लिखने से अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ती है यह भावों को व्यक्त करने का सषक्त माध्यम है।
प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा आज सोशल मीडिया के कारण मीलों का सफर पल में तय कर लिया पर, अपनों से कितना दूर हो गये। आज हम सोशल मीडिया में पोस्टर डालने के बाद देखते है कितने लाईक मिले कितने ने शेयर किया। अपने सदस्यों में क्या खासियत है यह हमें नहीं पता होता। सोशल मीडिया के कारण अपनों से दूर होते जा रहे है आप इसका उपयोग करें। इतना आदी न बने की भविष्य में एक दिन हमें मोबाईल बंद डे मनाना पड़े।
इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कृत प्रतिभागियों में अनिता साहू, कन्या स्नात्कोत्तर महाविद्यालय प्रथम, सबिना परवीन महिला महाविद्यालय, झाड़सुगुड़ा, ओड़िशा एवं बबली यादव स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। तृतीय पुरस्कार अंजली कश्यप भिलाई महिला महाविद्यालय, हेमप्रभा साहू स्नात्कोत्तर महाविद्यालय, धमतरी एवं तरूण कुमार सोनी बीआईटी, दुर्ग को दिया गया। सांत्वना पुरस्कार श्रुति पांडेय सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई, लिकेश देवांगन स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, राधिका साहू बी.सी.एस. स्नात्कोत्तर महाविद्यालय, धमतरी एवं अभिषेक पांडेय पं. गृंन्थमुनि नामसाहेब शा. स्ना. महाविद्यालय, कवर्धा को दिया गया।
कार्यक्रम में फेरोस्क्रेप निगम लिमिटेड के गृह पत्रिका दर्पण में जिन विद्यार्थियों की रचनायें छपी थी उनको प्रमाण पत्र व दर्पण की प्रति वितरीत की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अजीता सजीत, स.प्रा., श्रीमती नीलम गांधी, स.प्रा., श्रीमती आरती गुप्ता स.प्रा., टी. बबीता स.प्रा., निषा पाठक ने विषेश योगदान दिया। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित हुये।

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