Daily Archives: July 18, 2019

साहित्यकारों ने रचना के साथ ही वृक्षारोपण भी कर पर्यावरण संरक्षण का दिया सन्देश

भिलाई। माँ राज-राजेश्वरी मंदिर, ओवर ब्रिज के नीचे, पॉवर हाउस, भिलाई के प्रांगण में प्रख्यात साहित्यकार सुश्री नीता काम्बोज के संयोजन और साहित्य सृजन परिषद्, भिलाई (जिला दुर्ग) के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण विषय पर परिचर्चा की गई। तदुपरांत सरस काव्यगोष्ठी और मंदिर प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।  कार्यक्रम की शुरुवात में सर्वप्रथम माँ राज राजेश्वरी की पूजा अचर्ना कर उनका आशीर्वाद सभी रचनाकारो और अतिथियों ने लिया। काव्यगोष्ठी के संचालन का दायित्व साहित्य सृजन परिषद के सचिव गजेन्द्र द्विवेदी गिरीश ने निभाया।भिलाई। माँ राज-राजेश्वरी मंदिर, ओवर ब्रिज के नीचे, पॉवर हाउस, भिलाई के प्रांगण में प्रख्यात साहित्यकार सुश्री नीता काम्बोज के संयोजन और साहित्य सृजन परिषद्, भिलाई (जिला दुर्ग) के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण विषय पर परिचर्चा की गई। तदुपरांत सरस काव्यगोष्ठी और मंदिर प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात में सर्वप्रथम माँ राज राजेश्वरी की पूजा अचर्ना कर उनका आशीर्वाद सभी रचनाकारो और अतिथियों ने लिया। काव्यगोष्ठी के संचालन का दायित्व साहित्य सृजन परिषद के सचिव गजेन्द्र द्विवेदी गिरीश ने निभाया।

Career : नई तकनीकों ने बदल दी पत्रकारिता एवं जनसंचार की दुनिया

भिलाई। नई तकनीकों के आविष्कार के साथ जनसंचार के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन आया है, पत्रकारिता या जनसंचार के क्षेत्र में career बनाने के लिये छात्र को 12वीं पास होना जरुरी है। भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़  फाइन आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन महाविद्यालय ने त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया है, इस पाठ्यक्रम को करने के बाद पत्रकारिता के साथ-साथ जनसंचार के क्षेत्र में और फिल्म इंडस्टरी में रोजगार के अपार संभावनाये हैं।भिलाई। नई तकनीकों के आविष्कार के साथ जनसंचार के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन आया है, पत्रकारिता या जनसंचार के क्षेत्र में career बनाने के लिये छात्र को 12वीं पास होना जरुरी है। भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ़  फाइन आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन महाविद्यालय ने त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया है, इस पाठ्यक्रम को करने के बाद पत्रकारिता के साथ-साथ जनसंचार के क्षेत्र में और फिल्म इंडस्टरी में रोजगार के अपार संभावनाये हैं।

स्वरुपानंद महाविद्यालय में गुरू पूर्णिमा पर महिला सेल द्वारा विविध कार्यक्रम

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ द्वारा गुरू पूर्णिमा के अवसर पर ‘गुरू के रूप में महिलाओं का सक्रिय योगदान’ विषय पर स्लोगन, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. तृषा शर्मा ने कहा कि गुरू का स्थान हमारे जीवन में ईश्वर से भी ऊपर है क्योंकि वह हमें ईश्वर से मिलाते हैं। गुरू हमें ज्ञान ही नहीं देते हमारा मार्गदर्शन भी करते हैं, गुरू के प्रति आभार एवं कृतज्ञता को अभिव्यक्त करने के लिये गुरू पूणिर्मा पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। गुरू वह है जो हमारे अंधकार भरे जीवन में ज्ञान का प्रकाष फैलाते हैं।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ द्वारा गुरू पूर्णिमा के अवसर पर ‘गुरू के रूप में महिलाओं का सक्रिय योगदान’ विषय पर स्लोगन, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. तृषा शर्मा ने कहा कि गुरू का स्थान हमारे जीवन में ईश्वर से भी ऊपर है क्योंकि वह हमें ईश्वर से मिलाते हैं। गुरू हमें ज्ञान ही नहीं देते हमारा मार्गदर्शन भी करते हैं, गुरू के प्रति आभार एवं कृतज्ञता को अभिव्यक्त करने के लिये गुरू पूणिर्मा पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। गुरू वह है जो हमारे अंधकार भरे जीवन में ज्ञान का प्रकाष फैलाते हैं।

साइंस कालेज दुर्ग के एनसीसी कैडेट्स ने निभाई पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी

दुर्ग। नीला ग्रह कहलाने वाली हमारी पृथ्वी के संरक्षण का दायित्व हम सब पर है। हमें अपने-अपने स्तर पर पृथ्वी के संरक्षण हेतु प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य डॉ. एम.ए. सिद्दीकी ने आज व्यक्त किये। डॉ. सिद्दीकी आज महाविद्यालय की एनसीसी इकाई द्वारा आयोजित माय अर्थ माय ड्यूटी कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।दुर्ग। नीला ग्रह कहलाने वाली हमारी पृथ्वी के संरक्षण का दायित्व हम सब पर है। हमें अपने-अपने स्तर पर पृथ्वी के संरक्षण हेतु प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य डॉ. एम.ए. सिद्दीकी ने आज व्यक्त किये। डॉ. सिद्दीकी आज महाविद्यालय की एनसीसी इकाई द्वारा आयोजित माय अर्थ माय ड्यूटी कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।

शंकराचार्य महाविद्यालय में मोर धरती-मोर कर्तव्य के तहत रैली, पौधरोपण

भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के द्वारा मोर धरती मोर कर्तव्य को चरितार्थ करते हुए वृक्षारोपण, जागरूकता रैली एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु संदेश घर-घर पहुंचाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचीन काल में मनुष्य धरती को माता कहकर संबोधित करता था, और धरती से जिस भी प्रकार से लाभान्वित होता था। उसे किसी न किसी रूप में चाहे पर्यावरण की देखभाल या बरसात के पानी को परंपरागत उपाय से धरती को सौपता था।भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के द्वारा मोर धरती मोर कर्तव्य को चरितार्थ करते हुए वृक्षारोपण, जागरूकता रैली एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु संदेश घर-घर पहुंचाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचीन काल में मनुष्य धरती को माता कहकर संबोधित करता था, और धरती से जिस भी प्रकार से लाभान्वित होता था। उसे किसी न किसी रूप में चाहे पर्यावरण की देखभाल या बरसात के पानी को परंपरागत उपाय से धरती को सौपता था।

आत्महत्या के तरीकों का प्रचार न करे मीडिया : कलेक्टर शिखा राजपूत

बेमेतरा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आज यहां जिला पंचायत सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आत्महत्या की रोकथाम में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई। कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी ने मीडिया से अपेक्षा जताई कि वह आत्महत्या की खबरों के प्रकाशन को लेकर संवेदनशील हो। कलेक्टर शिखा राजपूत ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना गया है जिसकी पहुंच सीधे जनता तक है।बेमेतरा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आज यहां जिला पंचायत सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आत्महत्या की रोकथाम में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई। कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी ने मीडिया से अपेक्षा जताई कि वह आत्महत्या की खबरों के प्रकाशन को लेकर संवेदनशील हो। कलेक्टर शिखा राजपूत ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना गया है जिसकी पहुंच सीधे जनता तक है।

आरसीईटी में सेल्फी विथ गुरू : शिष्य प्रश्न है और गुरू समाधान

भिलाई। रूंगटा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी (आरसीइटी) में श्रद्वापूर्वक मनाया गया गुरूपूर्णिमा। इस अवसर पर एमएचआरडी के निर्देशानुसार अपने शिक्षकों के साथ बच्चों ने सेल्फी ली और उसे एमएचआरडी की वेबसाइट पर पोस्ट किया। इसके साथ ही गुरू के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई। ज्ञान के अंजन की शलाका से अज्ञान रूपी अंधकार में जीवन जी रहे शिष्यों की आँंखों को खोलने का काम गुरू ही कर सकता है।भिलाई। रूंगटा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी (आरसीइटी) में श्रद्वापूर्वक मनाया गया गुरूपूर्णिमा। इस अवसर पर एमएचआरडी के निर्देशानुसार अपने शिक्षकों के साथ बच्चों ने सेल्फी ली और उसे एमएचआरडी की वेबसाइट पर पोस्ट किया। इसके साथ ही गुरू के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई। ज्ञान के अंजन की शलाका से अज्ञान रूपी अंधकार में जीवन जी रहे शिष्यों की आँंखों को खोलने का काम गुरू ही कर सकता है।

पतंजलि योग समिति शासकीय स्कूलों में लगाएगी 5000 पौधे

भिलाई। पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास जिला दुर्ग द्वारा शिक्षा विभाग दुर्ग के सहयोग से दुर्ग जिले के 70 स्कूलों का चयन कर उन कैंपस में 5000 पौधों का रोपण ट्री गार्ड के साथ करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पतंजलि योग समिति इन स्कूलो तक ट्री गार्ड व पौधे स्वयं पहुंचाएगी स्कूल प्रशासन व पतंजलि योग समिति के सदस्य योजना बनाकर इन पौधों की संरक्षण की जिम्मेदारी स्कूल के बच्चों के साथ मिलकर निभाएंगे। बच्चों को वृक्षा रोपण के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है।भिलाई। पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास जिला दुर्ग द्वारा शिक्षा विभाग दुर्ग के सहयोग से दुर्ग जिले के 70 स्कूलों का चयन कर उन कैंपस में 5000 पौधों का रोपण ट्री गार्ड के साथ करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पतंजलि योग समिति इन स्कूलो तक ट्री गार्ड व पौधे स्वयं पहुंचाएगी स्कूल प्रशासन व पतंजलि योग समिति के सदस्य योजना बनाकर इन पौधों की संरक्षण की जिम्मेदारी स्कूल के बच्चों के साथ मिलकर निभाएंगे। बच्चों को वृक्षा रोपण के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

डीएवी इस्पात स्कूल के विद्यार्थियों ने किया दिव्यांग स्कूलों का भ्रमण

भिलाई। डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर 2 की कक्षा पाँचवी के छात्रों ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते, हुए सेक्टर -2 में स्थित' 'मुस्कान' और 'प्रयास' विद्यालय, जो 'मानसिक दिव्यांगों' के विद्यालय हैं का भ्रमण किया। छात्रों ने विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। उनसे बात करने, उनके हाव-भाव को समझने का प्रयास किया। कक्षा पाँचवी में शामिल पाठ्यक्रम के तहत मानसिक रूप से दिव्यांगों को समझने तथा उनके प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का यह एक सुदृढ़ माध्यम था। विद्यार्थियों ने उक्त विद्यालय के बच्चों को मिठाइयाँ तथा उपहार भेंट किये।भिलाई। डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर 2 की कक्षा पाँचवी के छात्रों ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते, हुए सेक्टर -2 में स्थित’ ‘मुस्कान’ और ‘प्रयास’ विद्यालय, जो ‘मानसिक दिव्यांगों’ के विद्यालय हैं का भ्रमण किया। छात्रों ने विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। उनसे बात करने, उनके हाव-भाव को समझने का प्रयास किया। कक्षा पाँचवी में शामिल पाठ्यक्रम के तहत मानसिक रूप से दिव्यांगों को समझने तथा उनके प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का यह एक सुदृढ़ माध्यम था। विद्यार्थियों ने उक्त विद्यालय के बच्चों को मिठाइयाँ तथा उपहार भेंट किये।