भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

भिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा पब्लिक स्कूल में 15 अगस्त को स्कूल प्रांगण में कक्षा नसर्री से पहली तक के बच्चों द्वारा More »

भिलाई। डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर -2 में रक्षाबंधन मनाया गया। इस त्यौहार को अग्रिम रूप से कक्षा नसर्री, एलकेजी तथा यूकेजी के छात्रों ने More »

 

Daily Archives: August 12, 2019

डॉ साराभाई की जन्मशती पर एमजे कालेज में परिचर्चा का आयोजन

भिलाई। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पितामह पद्मविभूषण डॉ विक्रम साराभाई की जन्मशती पर आज एमजे कालेज में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कुबेर सिंह गुरुपंच ने परिचर्चा की अध्यक्षता की। प्रभारी प्राचार्य डॉ अनिल चौबे ने उनके जीवन पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उनके कृतित्व को रेखांकित किया। डॉ चौबे ने कहा कि डॉ साराभाई ने अपनी शुरुआत पीआरएल से की जहां वे कॉस्मिक किरणों का अध्ययन करते थे। यह एक बेहद छोटी शुरुआत थी जो आगे चलकर एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में बदल गई। उन्होंने इसरो, आईआईएम, नेहरू फाउंडेशन फार डेवलपमेंट, टेक्सटाइल इंडस्ट्री रिसर्च असोसिएशन की स्थापना कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।भिलाई। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पितामह पद्मविभूषण डॉ विक्रम साराभाई की जन्मशती पर आज एमजे कालेज में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कुबेर सिंह गुरुपंच ने परिचर्चा की अध्यक्षता की। प्रभारी प्राचार्य डॉ अनिल चौबे ने उनके जीवन पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उनके कृतित्व को रेखांकित किया। डॉ चौबे ने कहा कि डॉ साराभाई ने अपनी शुरुआत पीआरएल से की जहां वे कॉस्मिक किरणों का अध्ययन करते थे। यह एक बेहद छोटी शुरुआत थी जो आगे चलकर एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में बदल गई। उन्होंने इसरो, आईआईएम, नेहरू फाउंडेशन फार डेवलपमेंट, टेक्सटाइल इंडस्ट्री रिसर्च असोसिएशन की स्थापना कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

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केपीएस कुटेलाभाटा के बच्चों ने ‘मुस्कान’ के बच्चों के साथ बिताया वक्त

भिलाई। देश, संस्कृति एवं मानवता से जुड़ने के अपने नवोन्मेषी पहल के लिए पहचान बना चुके केपीएस कुटेलाभाटा के सीनियर स्टूडेन्ट्स ने भिन्नक्षम बच्चों के स्कूल ‘मुस्कान’ के साथ एक दिन गुजारा। बच्चे थोड़े ही समय में इन खास बच्चों के साथ घुल मिल गए। केपीएस कुटेलाभाटा सेवाश्रम समाज से जुड़ने और उसे एक नई दिशा देने के लिए सतत् प्रयत्नशील है। स्कूल की 12वीं कक्षा के बच्चों ने विशेष बच्चों के स्कूल ‘मुस्कान’ का भ्रमण किया। उन्होंने इन बच्चों की विशेष क्षमताओं को देखा-जाना तथा उनके सीखने की प्रक्रिया को समझा।

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रॉबिन हुड आर्मी ने वंचितों तक पहुंचाया “उम्मीद का थैला”

भिलाई। रॉबिन हुड आर्मी के भिलाई अध्याय से जुड़े स्वयंसेवकों (राबिन्स) ने 11 अगस्त को पूरे जोश के साथ जेवरा-सिरसा एवं दुर्ग पद्मनाभपुर के 300 जरूरतमंद परिवारों तक “उम्मीद का थैला” पहुंचाया। इन थैलों में थी पांच किलो आटा, एक किलो दाल, एक किलो नमक, एक लीटर तेल एवं असंख्य मुस्कान। गॉबिन्स ने 15 अगस्त को दुनियाभर में 50 लाख लोगोें तक अपनी पहुंच बनाने का संकल्प लिया है।

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महात्मा गांधी की 150 वर्षगांठ : साबरमती से सेवाग्राम : एक ऐतिहासिक यात्रा

दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग की साहित्यिक समिति द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वर्षगांठ के उपलक्ष्य में व्याख्यान आयोजित किया गया। उक्त अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. पांडेय आमंत्रित थे। डॉ. पाण्डेय ने गांधी जी की सविनय अवज्ञा आंदोलन, सत्याग्रह एवं श्डांडी यात्राश् का विशेष रूप से वर्णन किया।दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग की साहित्यिक समिति द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वर्षगांठ के उपलक्ष्य में व्याख्यान आयोजित किया गया। उक्त अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. पांडेय आमंत्रित थे। डॉ. पाण्डेय ने गांधी जी की सविनय अवज्ञा आंदोलन, सत्याग्रह एवं श्डांडी यात्राश् का विशेष रूप से वर्णन किया।

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शंकराचार्य महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने दी टोनी मॉरिसन को श्रद्धांजलि

भिलाई। नोबेल विजेता साहित्यकार टोनी मॉरिसन को श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने श्रद्धांजलि दी। श्रीमती मॉरिसन का 5 अगस्त, 2019 को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अपने उपन्यास ‘बिलव्ड’ के लिए उन्हें पुलित्जर एवं अमेरिकन बुक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे एक अफ्रो-अमेरिकन लेखक थीं। वे दुनिया भर के साहित्यकारों के लिए प्रेरणा का एक आदर्श स्रोत थीं।भिलाई। नोबेल विजेता साहित्यकार टोनी मॉरिसन को श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने श्रद्धांजलि दी। श्रीमती मॉरिसन का 5 अगस्त, 2019 को 88 वर्ष की आयु में निधन होगया। अपने उपन्यास ‘बिलव्ड’ के लिए उन्हें पुलित्जर एवं अमेरिकन बुक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे एक अफ्रो-अमेरिकन लेखक थीं। वे दुनिया भर के साहित्यकारों के लिए प्रेरणा का एक आदर्श स्रोत थीं। 

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