भिलाई। सेन्ट्रल एवेन्यू पर धूम मचाने वाली ‘तफरीह’ एक बार फिर प्रारंभ होने जा रही है। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव की यह महत्वाकांक्षी योजना More »

भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

भिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा पब्लिक स्कूल में 15 अगस्त को स्कूल प्रांगण में कक्षा नसर्री से पहली तक के बच्चों द्वारा More »

 

रूंगटा डेंटल कॉलेज में नेशनल ओरल कैंसर डे पर चलाया गया जागरूकता अभियान

Oral Cancer Prevention programme organized at Rungta College of Dental Sciences and Researchभिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा डेंटल कॉलेज में नेशनल ओरल कैंसर डे पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। ज्ञात हो कि आम जन मानस में मुख के कैंसर की जानकारी बेहद कम है, जबकि भारत देश में और खासकर छत्तीसगढ़ में तम्बाकू एवं सिगरेट का सेवन बड़ी मात्रा में किया जाता है। तम्बाकू, गुटखा, खैनी, पाउच, सिगरेट, बिड़ी इत्यादि ऐसे व्यसन है जिनकी आदत छोटी उम्र में ही लग जाती है तथा इसके गंभीर दुष्परिणाम होते है। इसी परिणाम से एक गंभीर बीमारी मुख का कैंसर अथवा ओरल कैंसर कहलाता है।

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रायपुर गर्ल्स कालेज की प्राध्यापकों एवं छात्राओं ने किया साइंस कालेज का भ्रमण

Students and faculty members of Raipur Girls College visit Science College Durgदुर्ग। शासकीय कन्या महाविद्यालय, देवेन्द्र नगर, रायपुर की प्राध्यापकों एवं छात्राओं के दल ने आज छत्तीसगढ़ के एकमात्र ए प्लस ग्रेड प्राप्त शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय का भ्रमण कर अकादमिक, सांस्कृतिक, पाठ्येत्तर एवं खेलकूद की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.ए. सिद्दीकी एवं आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. जगजीत कौर सलूजा से प्राप्त जानकारी के अनुसार महाविद्यालय की सामाजिक सरोकार योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अंचल के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राऐं समय-समय पर साइंस कालेज का भ्रमण कर लाभान्वित होते है। 

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शंकराचार्य कॉलेज और सीएफएमबी के बीच एमओयू, माइक्रोबायो में शोध होगा आसान

Shri Shankaracharya Mahavidyalaya signs MoU with CFMB Bhopal for research supportभिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में सूक्ष्म जीवविज्ञान विभाग एवं सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीएफएमबी), भोपाल के बीच में सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। महाविद्यालय की निदेशक एवं प्राचार्य डॉ रक्षा सिंह एवं डॉ. दीपक भारती डायरेक्टर सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ने इसपर हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत विद्यार्थी एवं शोधकर्ता उच्च शोध अध्ययन के लिए भोपाल स्थिति केन्द्र में जाकर अपना शोध कार्य कर सकते हैं।

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गर्ल्स कॉलेज में रोजगार के अवसर और करियर चयन पर कार्यशाला

Career Guidance workshop in Girls College Durgदुर्ग। शासकीय डॉ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में करियर एवं प्लेसमेन्ट सेल के तत्वाधान में एक दिवसीय कायर्शाला का आयोजन विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में किया गया। करियर के अवसर और चयन विषय पर आयोजित कार्यशाला में शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेन्ट एजुकेशन एण्ड रिसर्च के विषय विशेषज्ञ विनय कुमार और अनुपम यादव ने सारगर्भित प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों को रोजगार के वर्तमान में उपलब्ध अवसरों एवं तैयारी के महत्वपूर्ण टिप्स दिये गए।

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शंकराचार्य के विद्यार्थियों ने सीखी अध्ययन के लिए डीएनए की मात्रा बढ़ाने की तकनीक

भिलाई। डीएनए की थोड़ी सी मात्रा को जीन एम्प्लीफिकेशन के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। इससे इसका अध्ययन करना आसान हो जाता है। इसे पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) तकनीक कहते हैं। बदलते हुए पर्यावरण में विभिन्न घातक बीमारियों के डायग्नोसिस एवं ट्रीटमेंट के लिए पीसीआर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे डीएनए के अध्ययन में मदद मिलती है। उक्त बातें सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी भोपाल के निदेशक डॉ दीपक भारती ने श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कही।भिलाई। डीएनए की थोड़ी सी मात्रा को जीन एम्प्लीफिकेशन के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। इससे इसका अध्ययन करना आसान हो जाता है। इसे पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) तकनीक कहते हैं। बदलते हुए पर्यावरण में विभिन्न घातक बीमारियों के डायग्नोसिस एवं ट्रीटमेंट के लिए पीसीआर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे डीएनए के अध्ययन में मदद मिलती है। उक्त बातें सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी भोपाल के निदेशक डॉ दीपक भारती ने श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कही।

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